15 जून  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच कई लोग अपनी डाइट से चीनी (Sugar) को पूरी तरह हटाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि हालिया शोध से संकेत मिला है कि चीनी का अत्यधिक सेवन भले ही नुकसानदायक हो, लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त करने से भी शरीर, विशेषकर आंतों (Gut) के स्वास्थ्य पर अप्रत्याशित प्रभाव पड़ सकते हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, आंतों में मौजूद खरबों सूक्ष्मजीवों का समूह, जिसे गट माइक्रोबायोम (Gut Microbiome) कहा जाता है, हमारे पाचन, प्रतिरक्षा प्रणाली और समग्र स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आहार में अचानक और अत्यधिक बदलाव इस संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।

अध्ययन में पाया गया कि जब कुछ लोग अपनी डाइट से लगभग पूरी तरह चीनी हटा देते हैं, तो उनके गट माइक्रोबायोम की संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि इन बदलावों का प्रभाव व्यक्ति की उम्र, जीवनशैली और संपूर्ण आहार पर भी निर्भर करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यहां यह समझना महत्वपूर्ण है कि सभी प्रकार की चीनी एक जैसी नहीं होती। फलों, सब्जियों और डेयरी उत्पादों में प्राकृतिक रूप से मौजूद शर्करा और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में मिलने वाली अतिरिक्त (Added) चीनी के प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, समस्या मुख्य रूप से अत्यधिक मात्रा में जोड़ी गई चीनी (Added Sugar) के सेवन से होती है, जो मोटापा, टाइप-2 मधुमेह, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है।

शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि बहुत अधिक प्रतिबंधात्मक आहार अपनाने से कुछ लोगों में पोषण संबंधी असंतुलन पैदा हो सकता है। यदि व्यक्ति बिना विशेषज्ञ सलाह के कई खाद्य समूहों को पूरी तरह छोड़ देता है, तो शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते।

गट हेल्थ विशेषज्ञों का मानना है कि आंतों के लिए विविध और संतुलित आहार सबसे अधिक लाभकारी होता है। फाइबर, फल, सब्जियां, साबुत अनाज और किण्वित खाद्य पदार्थ (Fermented Foods) गट माइक्रोबायोम को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।

विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि लोगों को “सभी चीनी खराब है” जैसी सोच से बचना चाहिए। इसके बजाय अतिरिक्त चीनी के सेवन को सीमित करना और पोषण से भरपूर प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना अधिक प्रभावी रणनीति हो सकती है।

अध्ययन यह भी दर्शाता है कि शरीर की प्रतिक्रिया हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी बड़े आहार परिवर्तन से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है। अत्यधिक चीनी का सेवन नुकसानदायक हो सकता है, लेकिन बिना सोचे-समझे इसे पूरी तरह समाप्त करना भी हर व्यक्ति के लिए सही विकल्प नहीं हो सकता।

कुल मिलाकर, शोध यह संकेत देता है कि चीनी को पूरी तरह खत्म करने के बजाय संतुलित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना बेहतर है। स्वस्थ आहार का उद्देश्य केवल किसी एक तत्व को हटाना नहीं, बल्कि पूरे शरीर और गट हेल्थ के लिए सही संतुलन बनाए रखना होना चाहिए।

Bharat Baani Bureau

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