2 नवंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections 2026) से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ अपना चुनावी अभियान तेज कर दिया है। कान्सास में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने डेमोक्रेट्स की टैक्स नीतियों, वोटर आईडी, सीमा सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की।
रविवार को समर्थकों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि डेमोक्रेट्स ने टिप्स, ओवरटाइम वेतन और वरिष्ठ नागरिकों की सोशल सिक्योरिटी आय पर टैक्स छूट देने वाले प्रस्तावों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी आम अमेरिकियों को आर्थिक राहत देने के पक्ष में है।
टैक्स नीतियों को लेकर डेमोक्रेट्स पर निशाना
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस में डेमोक्रेट्स ने टिप्स पर टैक्स नहीं लगाने, ओवरटाइम वेतन पर टैक्स छूट देने और वरिष्ठ नागरिकों की सोशल सिक्योरिटी आय को टैक्स से राहत देने के प्रस्तावों के खिलाफ वोट किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स की नीतियां आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा सकती हैं।
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य काम करने वाले लोगों, छोटे कारोबारियों और वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक राहत देना है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि वे चुनाव में ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन करें जो टैक्स राहत और आर्थिक विकास को प्राथमिकता देते हैं।
हालांकि, ट्रंप के इन आरोपों को उनके चुनावी भाषण के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। टैक्स प्रस्तावों और मतदान के रिकॉर्ड का मूल्यांकन संबंधित विधायी दस्तावेजों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
वोटर आईडी और सीमा सुरक्षा भी बना चुनावी मुद्दा
कान्सास रैली में ट्रंप ने वोटर आईडी और नागरिकता के प्रमाण से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स मतदाता पहचान संबंधी सख्त नियमों का समर्थन नहीं करते। ट्रंप ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पहचान और नागरिकता का सत्यापन मजबूत होना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की दक्षिणी सीमा की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी पर नरम सीमा नीतियों का आरोप लगाया।
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार अवैध आव्रजन, मानव तस्करी और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहती है।
पुलिस और कानून व्यवस्था पर भी बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने डेमोक्रेट्स पर पुलिस विभागों के समर्थन को कमजोर करने का आरोप लगाया।
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मजबूत बनाने के लिए काम करेगी।
उन्होंने बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और पुलिस अधिकारियों की हत्या जैसे अपराधों के लिए कड़ी सजा का समर्थन किया।
रैली में उन्होंने भ्रष्टाचार और सरकारी धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा Save America Act को आगे बढ़ाने की बात भी कही।
3 नवंबर को तय होगा कांग्रेस का भविष्य
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव होने जा रहे हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान होगा।
इन चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा।
मौजूदा राजनीतिक स्थिति में रिपब्लिकन पार्टी के सामने अपनी बहुमत की स्थिति बनाए रखने की चुनौती है। वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
सीनेट में बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को चार सीटों का शुद्ध लाभ चाहिए, जबकि प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए तीन सीटों का शुद्ध लाभ जरूरी है।
महंगाई और जीवनयापन की लागत बनी बड़ी चुनौती
चुनाव से पहले अमेरिका में महंगाई, ईंधन की कीमतें, स्वास्थ्य सेवाओं और आम परिवारों के खर्च को लेकर भी बहस तेज है।
मतदाताओं के लिए रोजमर्रा की चीजों की कीमतें और आर्थिक सुरक्षा प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
चुनावी सर्वेक्षणों के अनुसार, जीवनयापन की लागत के मुद्दे पर डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन पार्टी के मुकाबले बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप की लोकप्रियता को लेकर भी चुनाव से पहले सवाल उठ रहे हैं।
इन परिस्थितियों में रिपब्लिकन पार्टी के लिए आर्थिक मुद्दों पर मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
कान्सास में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में ट्रंप
ट्रंप की कान्सास रैली का उद्देश्य रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाना भी था। खास तौर पर सीनेटर रोजर मार्शल की चुनावी लड़ाई पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनका मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन से है।
कान्सास को परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत राज्य माना जाता है, लेकिन इस बार सीनेट की सीट पर मुकाबला करीबी बताया जा रहा है।
ट्रंप ने मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जीत दिलाने की अपील की और कहा कि कांग्रेस में रिपब्लिकन बहुमत बनाए रखना उनकी सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है।
चुनाव से पहले दोनों पार्टियों के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ट्रंप टैक्स राहत, सीमा सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं, जबकि डेमोक्रेट्स महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं और आम लोगों की आर्थिक परेशानियों पर जोर दे रहे हैं।
3 नवंबर के चुनाव परिणाम न केवल कांग्रेस के नियंत्रण का फैसला करेंगे, बल्कि ट्रंप के दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के लिए भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा होंगे।
